इंटरनेट स्वतंत्रता पर खतरा? नेपाल और तुर्की में क्यों बंद हुए YouTube, Instagram, X, WhatsApp?

इंटरनेट स्वतंत्रता पर खतरा? नेपाल और तुर्की में क्यों बंद हुए YouTube, Instagram, X, WhatsApp?

नेपाल के बाद अब तुर्की में भी SOCIAL MEDIA PLATFORM, जैसे कि YouTube, X, Instagram और WhatsApp, पर अस्थायी रूप से प्रतिबंध लगा दिया गया है। यह फैसला इस्तांबुल में पुलिस और विपक्षी समर्थकों के बीच हुई झड़पों के बाद लिया गया है। इस कदम ने दुनिया भर के इंटरनेट उपयोगकर्ताओं और डिजिटल अधिकार समूहों को चौंका दिया है।

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नेपाल में क्यों लगा था प्रतिबंध?

नेपाल में हाल ही में 26 SOCIAL MEDIA और मैसेजिंग PLATFORM पर प्रतिबंध लगाया गया था, जिसमें Facebook, Instagram, X(Twitter), WhatsApp and YouTube जैसे प्रमुख PLATFORM शामिल थे। सरकार का कहना था कि यह कदम इसलिए उठाया गया क्योंकि इन कंपनियों ने नेपाल के संचार और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के साथ पंजीकरण कराने की समय सीमा का पालन नहीं किया।

सरकार ने इन कंपनियों से स्थानीय कार्यालय स्थापित करने, एक स्थानीय संपर्क व्यक्ति नियुक्त करने और स्थानीय शिकायतों को संभालने के लिए तंत्र स्थापित करने के लिए कहा था। सरकार के इस फैसले के बाद व्यापक विरोध प्रदर्शन हुए, जिसमें कई लोगों की मौत हो गई और सैकड़ों घायल हो गए। इन विरोध प्रदर्शनों के बाद सरकार ने आंशिक रूप से प्रतिबंध वापस ले लिया।

तुर्की में प्रतिबंध का कारण

तुर्की में SOCIAL MEDIA पर प्रतिबंध एक राजनीतिक घटना के बाद लगाया गया। रिपोर्ट्स के अनुसार, यह प्रतिबंध इस्तांबुल में पुलिस और विपक्षी समर्थकों के बीच हुई झड़पों के बाद लगाया गया।

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ये विरोध प्रदर्शन विपक्षी दल रिपब्लिकन पीपुल्स पार्टी (CHP) के मुख्यालय पर एक सरकारी-नियुक्त ट्रस्टी को नियंत्रण लेने से रोकने के उद्देश्य से किए जा रहे थे। सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पेपर स्प्रे का इस्तेमाल किया, जिसके बाद यह प्रतिबंध लागू हुआ। इस दौरान, देश भर में 12 घंटे तक इंटरनेट की गति धीमी रही। हालांकि, तुर्की के सूचना और संचार प्रौद्योगिकी प्राधिकरण (BTK) ने इस प्रतिबंध के संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की, लेकिन इस्तांबुल में कई उपयोगकर्ता इन PLATFORM तक पहुंच नहीं पा रहे थे।

नेपाल और तुर्की में सोशल मीडिया पर प्रतिबंध के कारण अलग-अलग थे। यहाँ एक सरल तुलना दी गई है:

नेपाल में प्रतिबंध:

  • यह कानूनी और प्रशासनिक कारणों से था।
  • सरकार ने कहा कि विदेशी सोशल मीडिया कंपनियों ने देश के नियमों का पालन नहीं किया, जैसे कि पंजीकरण कराना और स्थानीय कार्यालय खोलना।

तुर्की में प्रतिबंध:

  • यह राजनीतिक और सुरक्षा कारणों से था।
  • यह फैसला इस्तांबुल में पुलिस और विपक्षी समर्थकों के बीच हुई झड़पों के बाद लिया गया, ताकि विरोध प्रदर्शनों और ऑनलाइन गतिविधियों को नियंत्रित किया जा सके।

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क्या यह एक Global चलन है?

नेपाल और तुर्की में हुई ये घटनाएं दर्शाती हैं कि दुनिया भर में सरकारें SOCIAL MEDIA को विनियमित करने के लिए कड़े कदम उठा रही हैं। कई देशों में SOCIAL MEDIA PLATFORM को नफरत भरे भाषण, फर्जी खबरों और ऑनलाइन अपराधों को रोकने के लिए जवाबदेह ठहराया जा रहा है। हालांकि, आलोचकों का कहना है कि यह कदम अभिव्यक्ति की Freedom और Press की Freedom के लिए खतरा हैं।

आगे क्या होगा नेपाल और तुर्की में हुई ये घटना?

तुर्की में यह प्रतिबंध अस्थायी है और उम्मीद है कि स्थिति सामान्य होने पर इसे हटा लिया जाएगा। लेकिन, यह घटना इस बात की ओर इशारा करती है कि सरकारें जरूरत पड़ने पर SOCIAL MEDIA को नियंत्रित करने में संकोच नहीं करेंगी। इस तरह के कदम डिजिटल अधिकारों और इंटरनेट स्वतंत्रता पर एक बड़ी बहस को जन्म देते हैं, क्योंकि ये PLATFORM न केवल मनोरंजन के लिए बल्कि व्यापार, संचार और सामाजिक जागरूकता के लिए भी महत्वपूर्ण हैं।

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